प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण लिस्ट बिहार

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) बिहार में गरीब ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इसका लक्ष्य 2024 तक "सभी के लिए आवास" सुनिश्चित करना है, खासकर उन परिवारों के लिए जो कच्चे मकानों में रह रहे हैं या जिनके पास घर नहीं है। यह योजना सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बनाई गई है।

ऐसे में अगर आप बिहार के नागरिक हैं, और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सूची बिहार को चेक करना चाहते हैं, तो इस लेख में दिए गए सभी प्रक्रियाओं का पालन करें.

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) बिहार: मुख्य बिंदु

विवरण विवरण
योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना।
सहायता राशि (समतल क्षेत्र) ₹1.20 लाख प्रति मकान।
सहायता राशि (कठिन/पहाड़ी क्षेत्र) ₹1.30 लाख प्रति मकान।
शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 स्वच्छ भारत मिशन (SBM-G) या MGNREGS के तहत।
श्रम दिवस सहायता 90-95 मानव दिवस MGNREGS के अंतर्गत।
लाभार्थी चयन प्रक्रिया SECC 2011 डेटा और आवास+ सर्वे के आधार पर।
धनराशि वितरण तीन किस्तों में बैंक खातों में DBT के माध्यम से।
लिस्ट कैसे देखें PMAY-G वेबसाइट या AwaasApp मोबाइल ऐप के जरिए।
अन्य सुविधाएँ शौचालय, पानी, बिजली, और गैस कनेक्शन की सुविधाएँ अन्य योजनाओं के माध्यम से।
निगरानी प्रणाली योजना की निगरानी AwaasSoft और AwaasApp के जरिए की जाती है।

योजना की मुख्य विशेषताएँ

  • लक्ष्य: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर और गृहविहीन परिवारों को पक्के मकान देना।
  • धनराशि वितरण: मकान निर्माण की प्रगति के आधार पर तीन किस्तों में वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाती है।
  • लाभार्थी चयन: SECC 2011 के आंकड़ों और आवास+ सर्वे के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाता है।
  • निगरानी और पारदर्शिता: योजना की निगरानी AwaasSoft और AwaasApp के माध्यम से की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

अधिक जानकारी के लिए आप अपने स्थानीय ब्लॉक या जिला विकास कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

बिहार में ग्रामीण आवास सूची देखने की प्रक्रिया

चरण -1: PM आवास योजना ग्रामीण (PMAYG) की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

  • सबसे पहले आवेदक PMAYG की आधिकारिक वेबसाइट – https://pmayg.nic.in/ पर विजिट करें।
  • इसके बाद आपके सामने PM Gramin Awas Yojana पोर्टल का होमपेज खुल जाएगा।
  • अब होमपेज पर आप ऊपर Menu सेक्शन में Aawassoft के विकल्प को ढूंढे और क्लिक करें।
PM Awas Gramin List Check (Report)

चरण -2: अब Reports के बटन पर क्लिक करें।

  • जैसे ही बिहार के आवेदक Aawassoft के विकल्प पर क्लिक करेंगे, उनके सामने एक ड्रॉपडाउन Menu खुलेगा।
  • इस मेनू में आवेदक अब Report के बटन पर क्लिक कर दें।
  • इसके बाद आवेदक के सामने फिर से एक नया पेज खुलेगा, यह rhreporting पोर्टल का एक पेज होगा.
Rhreprting Awas List

चरण -3: rhreprting Report पेज में H सेक्शन पर स्क्रॉल करें।

  • अब आपके सामने rhreprting Report पेज खुल जाएगा।
  • यहां आप नीचे स्क्रॉल करें और H अनुभाग पर जाएं.
  • H सेक्शन में आपको Beneficiary Details For Verification का विकल्प दिखेगा, उसपर क्लिक कर दें।

चरण -4: अब MIS रिपोर्ट पेज पर डेटा दर्ज करें।

  • अब आपके सामने PM आवास MIS रिपोर्ट का एक नया पेज खुलेगा।
  • इस पेज पर आप अपने राज्य का नाम बिहार, इसके बाद अपने जिले का नाम, ब्लॉक का नाम, और कैप्चा दर्ज करें।
  • इसके बाद आप सबमिट बटन पर क्लिक करें, अब आपके सामने लाभार्थियों की लिस्ट आ जाएगी.
PM Awas List Bihar

लाभार्थियों का चयन

बिहार में PMAY-G के लाभार्थियों का चयन SECC 2011 के डेटा के आधार पर किया जाता है। इस डेटा का उपयोग कर उन परिवारों की पहचान की जाती है जो सबसे अधिक आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर हैं।

चयन में विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवा, वृद्ध, विकलांग, और बेघर परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि सबसे जरूरतमंद परिवारों को पहले आवास की सुविधा मिले।

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मकान निर्माण में मजदूरी का हिस्सा मनरेगा के तहत कवर किया जाता है, जिससे लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार भी मिलता है। योजना के तहत लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है, ताकि उनके घरों में स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।

बिहार में पंचायत स्तर पर योजना के कार्यान्वयन की निगरानी की जाती है। स्थानीय प्रशासन लाभार्थियों की पहचान, सहायता वितरण, और आवास निर्माण की प्रगति पर नजर रखता है।

बिहार PMAY-G ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

  • बिहार में PMAY-G (ग्रामीण) के तहत ऑफलाइन आवेदन के लिए नजदीकी ग्राम पंचायत या ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) कार्यालय जाएं।
  • वहां से PMAY-G आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, पता, परिवार के सदस्यों की संख्या, आय का विवरण, बैंक खाता नंबर, और कच्चे मकान की स्थिति दर्ज करें।
  • आवश्यक दस्तावेज़ जमा करें, जिनमें आधार कार्ड (परिवार के सभी वयस्क सदस्यों का), आय स्व-घोषणा पत्र, बैंक पासबुक की प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो, शपथ पत्र (जिसमें पक्का मकान न होने की घोषणा हो), और यदि उपलब्ध हो तो राशन कार्ड शामिल हैं।
  • यदि आपके पास MGNREGA जॉब कार्ड या स्वच्छ भारत मिशन (SBM) नंबर है, तो उसे भी जमा करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद, ग्राम सभा और SECC 2011 डेटा के आधार पर पात्रता की जांच होगी।
  • फॉर्म और दस्तावेज़ पंचायत सचिव या BDO को सौंपें, और जमा करने की रसीद अवश्य लें, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सके।

पात्रता के लिए जरूरी है कि आवेदक बेघर हो या कच्चे मकान में रहता हो, मासिक आय ₹15,000 से कम हो, और उसने किसी अन्य सरकारी आवास योजना का लाभ न लिया हो. प्राथमिकता अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवाओं, विकलांगों, और बेघर परिवारों को दी जाती है।

आवेदन के बाद, क्षेत्रीय सर्वेक्षक घर का भौतिक सत्यापन कर सकते हैं। स्वीकृति मिलने पर ₹1.2 लाख (मैदानी क्षेत्र) या ₹1.3 लाख (पहाड़ी क्षेत्र) तीन किस्तों में DBT के माध्यम से बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाते हैं।

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2016 से 2024 तक बिहार में 37 लाख घर बनाने का लक्ष्य था। इनमें से 98.94% यानी 36.64 लाख घर बन गए। इस पर ₹45,049 करोड़ खर्च हुए। पीएमएवाई-जी योजना अब मार्च 2029 तक चलेगी। पूरे देश में 2 करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य है।